सड़क से गुजरने वाले हर शख्स को तोता नमस्कार करता, लेकिन बंता को देखते ही वह गालियां देना शुरू कर देता.
बंता को गुस्सा आ जाता था. वह तोते को डांटते हुए कहता, बदतमीज, चुप हो जा.
लेकिन तोता हर रोज यही करता.
एक दिन बंता ने संता से तोते की शिकायत कर दी. इस पर संता ने तोते को समझाया और धमकाया कि आगे से ऐसा मत करना. अगर अब कभी भी बंता को गाली दी तो मैं तुझे उठाकर बाहर फेंक दूंगा.
अगले दिन बंता तोते को देख मुस्कुराते हुए संता के घर के सामने से गुजरा. जब तोता कुछ न बोला तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा.
बंता ने पलटकर तोते को देखा.
तोता हंसा, और बोला, समझ तो तू गया ही होगा...
