देवी की पूजा..... लाठियों से....

गुरुवार, 25 मार्च 2010

ऐसा भी है एक मंदिर जहां देवी की पूजा होती है लाठियों से
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में एक ऐसा मंदिर है जहां देवी के दर्शन करने के लिए चैत्र शुक्ल नवमी के दिन सैकड़ों श्रद्धालु तलवार भाले बल्लम लाठी आदि हथियार लेकर आते हैं और जबरन दर्शन कर प्रसाद लूटने का प्रयास करते हैं. सदियों पूर्व पडी परम्परा अब भी निभाई जाती है.
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मथुरा से करीब 30 किमी दूर स्थित नरी सेमरी गांव के काली मंदिर में जमकर लाठियां चलती हैं. 
लट्ठ पूजा की परम्परा भी बड़े ही अजीबोगरीब अंदाल में चालू हुई. हुआ यह कि एक बार सूर्यवंशी ठाकुर मंदिर पर हमला कर देवी की प्रतिमा उठा ले गए. उनसे प्रतिमा वापस लाने में चंद्रवंशी होने के कारण नरी साखी रहेड़ा और अरवाई के ठाकुरों ने सेमरी नगला देवीसिंह नगला बिरजी और दद्दीगढ़ी के ठाकुरों की खासी मदद की.
बस इसी बात पर वे लोग भी देवी की सेवा.पूजा पर अपना हक जताने लगे. चैत्र शुक्ल नवमी को होने वाली मुख्य पूजा में शामिल होने का उन्होंने कई बार प्रयास किया और उनका यही प्रयास परम्परा बन गया.
अब वे प्रतिवर्ष दोपहर से शाम तक एक.एक कर सेमरी गांव में स्थित मंदिर पर मय हथियारों के चढ़ाई करते है और लट्ठपूजा की परम्परा निभाकर चले जाते हैं.

पीछे आओगे तो जल जाओगे

मंगलवार, 23 मार्च 2010


पीछे आओगे तो जल जाओगे



इस स्कूटर का पीछा करना मना है। इसके पीछे से आग निकलती है, जो जला सकती है। स्टेमफोर्ड निवासी कोलीन फुर्ज ने अपनी मोपेड के हैंडलबार में एक स्विच लगाया है जिसे दबाने से इसके पीछे से आग बिल्कुल उसी तरह निकलती है जैसा कि जेम्स बॉण्ड की फिल्मों में होता है। पेशे से प्लंबर कोलीन ने बताया कि वह जेम्स बॉण्ड की फिल्में देखने का शौकीन है। बॉण्ड सीरीज की फिल्में देखकर उसके मन में आया कि उसके पास भी ऐसी गाड़ी हो जो आग उगलती हो। सबसे पहले उसने यह प्रयोग बीएमएक्स बाइक पर करके देखा, उसके बाद मोपेड पर। आग उगलने वाली मोपेड तो उसने बना ली लेकिन उसे सड़क पर चलाने की हिम्मत नहीं हो रही। कोलीन को डर है कि ऐसा करने से उसे परेशानी होगी और हवालात की हवा भी खानी पड़ सकती है। बहरहाल यह बाइक उन युवतियों के लिए सही है जिनके पीछे सड़क पर कुछ मनचले पड़ जाते हैं।